NEET UG 2027 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यूपी के मेडिकल कॉलेजों में MBBS-BDS एडमिशन के लिए जरूरी जानकारियां सामने आई हैं। यूपी के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में सबसे कम NEET UG स्कोर पर किस कॉलेज में एडमिशन मिलता है और फीस में कितना अंतर है, इस पर जानकारी मिली है।
मेडिकल कोर्स में एडमिशन के मुख्य नियम
MBBS-BDS कोर्स में एडमिशन के लिए उसी वर्ष का NEET UG स्कोर अनिवार्य होता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) हर साल NEET UG परीक्षा आयोजित करती है। मेडिकल कॉलेजों में सीटों का आवंटन ऑल इंडिया कोटा (AIQ) और स्टेट कोटा के आधार पर होता है।
- ऑल इंडिया कोटा के तहत केंद्रीय मेडिकल कॉलेजों और राज्य के 15% सीटों पर एडमिशन दिया जाता है।
- राज्य के 85% सीटें स्टेट कोटा के तहत होती हैं।
- आरक्षण नियमों के अनुसार EWS, OBC, SC, ST, PwD कैटेगरी को भी सीटें मिलती हैं।
यूपी के मेडिकल कॉलेजों में सबसे कम NEET स्कोर पर एडमिशन
NEET एक्सपर्ट नबीन कार्की के अनुसार, 2026 के ट्रेंड के अनुसार यूपी में सबसे कम NEET UG स्कोर पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ASMC सोनभद्र और KGMU डेंटल कॉलेज लखनऊ ने एडमिशन दिया है। ASMC सोनभद्र ने 563 स्कोर वाले सामान्य कैटेगरी के कैंडिडेट को MBBS में स्टेट कोटा से एडमिशन दिया। वहीं KGMU डेंटल कॉलेज ने 557 स्कोर वाले कैंडिडेट को BDS में प्रवेश दिया।
ऑल इंडिया कोटे से ASMC सिद्धार्थनगर ने 558 स्कोर वाले सामान्य कैटेगरी के छात्र को MBBS में प्रवेश दिया जो यूपी के सरकारी कॉलेजों में सबसे कम स्कोर है।
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में कम स्कोर पर एडमिशन
प्राइवेट कॉलेजों में सबसे कम NEET UG स्कोर पर MBBS एडमिशन तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज मुरादाबाद में मिला है, जहां 214 स्कोर वाले सामान्य कैटेगरी के छात्र को प्रवेश मिला। BDS में सबसे कम स्कोर डेंटल कॉलेज आजमगढ़ ने दिया, जहां 177 स्कोर वाले कैंडिडेट को दाखिला मिला। प्राइवेट कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटा लागू नहीं होता।
फीस का अंतर
सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस में बड़ा अंतर है। ASMC सोनभद्र में MBBS की वार्षिक ट्यूशन फीस 36,000 रुपये है, जबकि तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज में यह 17 लाख रुपये तक होती है। 5.5 साल के कोर्स में कुल फीस में भारी फर्क दिखाई देता है।
यूपी में कम फीस वाले सरकारी कॉलेजों में एम्स गोरखपुर और एम्स रायबरेली शामिल हैं, जहां MBBS की कुल फीस लगभग 6,000 रुपये है। ASMC कानपुर और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में वार्षिक फीस 18,000 रुपये है। प्राइवेट कॉलेजों में सबसे कम फीस हिंद इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, बाराबंकी में 13,60,690 रुपये वार्षिक है।
यूपी में मेडिकल सीटों की संख्या
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के 2026 के डेटा के अनुसार, यूपी में कुल 88 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 49 सरकारी और 39 प्राइवेट कॉलेज शामिल हैं। इन कॉलेजों में कुल MBBS सीटें 14,000 हैं, जिनमें से 5,700 सरकारी और 8,300 प्राइवेट कॉलेजों की सीटें हैं।
यह जानकारी NEET UG स्कोर और फीस के आधार पर मेडिकल कॉलेजों की तुलना करने वाले छात्रों के लिए उपयोगी है। इससे उन्हें एडमिशन प्रक्रिया और खर्चों का बेहतर अंदाजा होगा।
स्रोत: tv9hindi.com


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