रावलकोट में हिंसा और ड्रोन हमलों का आरोप
जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने रावलकोट में कई दिशाओं से ड्रोन हमले होने और इलाके में लगातार बिगड़ते हालात का आरोप लगाया है। उन्होंने लोगों से रावलकोट पहुंचने और विदेशों में रहने वाले कश्मीरियों से इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
JAAC की ओर से जारी एक अपील में बताया गया कि गुरुवार सुबह से भारी हथियारों से गोलीबारी शुरू हो गई है और इलाके में अभियान चलाया जा रहा है। समिति ने पाकिस्तानी प्रशासन से इस हिंसा को तुरंत रोकने की मांग की और कहा कि आम नागरिकों की जान जाना स्वीकार्य नहीं है।
सरकार से बातचीत का आग्रह
JAAC के नेता सरदार ज़हीम सदोजई ने पाकिस्तान सरकार से बल प्रयोग छोड़कर बातचीत का रास्ता अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रावलकोट को युद्ध का मैदान न बनाया जाए और विवादों को बातचीत से हल किया जाए।
समिति ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया, पाकिस्तानी पत्रकारों, मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक समुदाय से रावलकोट में स्थिति की जांच और हस्तक्षेप करने की अपील की है। साथ ही, घायल प्रदर्शनकारियों के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
रावलकोट में तीन मौतें और दर्जनों घायल
द एजादी टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रावलकोट में हिंसक झड़पों के दौरान तीन लोगों की मौत हुई है और दर्जनों घायल हुए हैं। हालांकि, इन जान-माल के नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
रिपोर्ट में शहर के ऊपर ड्रोन गतिविधियों के दावों की भी स्वतंत्र जांच की जरूरत बताई गई है। इसलिए इन घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
रावलकोट में जारी तनाव का इतिहास
रावलकोट में कई महीनों से JAAC के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, जिनमें राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आर्थिक अधिकारों और प्रशासन की ओर से किए गए वादों को लागू करने की मांग की जाती है।
समिति का आरोप है कि पाकिस्तानी प्रशासन उनके आंदोलन को दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, पाक अधिकृत कश्मीर के अधिकारी JAAC और उसके समर्थकों पर हिंसा और सुरक्षा बलों पर हमले का आरोप लगाते रहे हैं। जुलाई में हुई झड़पों में नौ लोगों की मौत हुई थी।
मुख्य तथ्य
- रावलकोट में JAAC ने ड्रोन हमलों और गोलीबारी का आरोप लगाया।
- तीन लोगों की मौत और दर्जनों घायल होने की खबरें आई हैं।
- सरदार ज़हीम सदोजई ने बातचीत का रास्ता अपनाने का आग्रह किया।
- अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और घायल प्रदर्शनकारियों के लिए सहायता मांगी गई है।
स्रोत: hindi.webdunia.com


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