नितेश तिवारी की फिल्म रामायण आज रिलीज हो गई है। यह फिल्म सिर्फ भव्य विजुअल्स और सेट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई ऐसे दृश्य हैं जो कहानी के भावनात्मक पहलू को गहराई से पेश करते हैं। फिल्म के सात खास सीन दर्शकों को भावुक और रोमांचित करते हैं।
रावण के दस सिर और जटायू का बलिदान
फिल्म में रावण के दस सिरों वाला दृश्य बहुत प्रभावशाली है, जिसमें हर सिर अलग-अलग सलाह देता है। यह रावण के भीतर के विचारों और अहंकार को दर्शाता है। जटायू का अंतिम संघर्ष और उसकी मृत्यु के बाद राम द्वारा मुखाग्नि देना भी फिल्म के सबसे भावुक पल हैं। जटायू रावण से लड़ते हुए घायल होता है और राम के सामने सीता के अपहरण की पूरी कहानी बताकर दम तोड़ देता है। राम उसे पिता समान मानते हुए अंतिम संस्कार करते हैं।
राम और परशुराम का मिलन एवं दशरथ की अंतिम पुकार
राम और परशुराम का आमना-सामना भी रोमांच से भरपूर है। जब परशुराम राम की ओर भाला फेंकते हैं, तब राम उसे पकड़ लेते हैं, जिससे परशुराम को पता चलता है कि राम विष्णु के अवतार हैं। वनवास के समय राम की विदाई का दृश्य भी दिल को छू जाता है। कैकेयी से वादा लेने के बाद राम अयोध्या छोड़ते हैं, और दशरथ अपने बेटे को जाते देख बेहोश हो जाते हैं। दशरथ की मौत के समय राम का अचानक पीछे मुड़कर देखना इस बिछड़ने के दर्द को गहराई से दर्शाता है।
राम का पराक्रम और वनवास की विदाई
खर-दूषण की सेना से लड़ते हुए राम का एक तीर छोड़ना जो राक्षसों की पूरी सेना को खत्म कर देता है, फिल्म का एक और महत्वपूर्ण दृश्य है। वनवास के दौरान सीता और लक्ष्मण के साथ राम की अयोध्या से विदाई भी भावनाओं से परिपूर्ण है, जिसमें सीता लोगों को समझाती हैं कि वह राम के साथ जा रही हैं। दशरथ की अंतिम पुकार और राम का नदी पार करते समय पीछे मुड़कर देखना इस पूरे घटनाक्रम को मार्मिक बनाता है।
स्रोत: indiatv.in


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।