नितेश तिवारी की फिल्म रामायण: भाग 1 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में सीता को वनवास के दौरान भगवान राम के साथ राक्षसों से लड़ते हुए दिखाया गया है, जिससे दर्शकों के बीच बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे पारंपरिक रामायण कथा से अलग मान रहे हैं, जबकि कई दर्शक इस नए रूप का समर्थन कर रहे हैं।
सीता के युद्ध सीन पर विवाद
फिल्म के एक सीन में साई पल्लवी द्वारा निभाई गई सीता वनवास के दौरान राक्षसों से लड़ती नजर आती हैं। कुछ दर्शकों का कहना है कि यह वाल्मीकि रामायण की कथा से मेल नहीं खाता। पारंपरिक कथा के अनुसार, जब राक्षस खर और उसकी सेना राम पर हमला करते हैं, तब राम लक्ष्मण से सीता को सुरक्षित जगह भेजते हैं और अकेले ही युद्ध करते हैं। हालांकि, रामायण के कई संस्करणों में पात्रों और घटनाओं की अलग व्याख्या मिलती है।
अद्भुत रामायण में सीता का योद्धा रूप
अद्भुत रामायण संस्कृत में लिखा एक रामायण संस्करण है, जिसे महर्षि वाल्मीकि की रचना माना जाता है, लेकिन इसके लेखक और काल को लेकर विद्वानों में मतभेद हैं। इस ग्रंथ में सीता को एक दिव्य योद्धा और देवी शक्ति के रूप में दिखाया गया है, जो राक्षसों का संहार करती हैं। खासतौर पर सहस्र रावण के साथ युद्ध के दौरान सीता महाकाली के रूप में प्रकट होती हैं और राम की रक्षा करती हैं।
नितेश तिवारी ने क्या कहा?
लॉस एंजिल्स में फिल्म के प्रीमियर के दौरान निर्देशक नितेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने रामायण की अलग-अलग व्याख्याओं से प्रेरणा ली है। उन्होंने कहा कि कुछ पात्रों में रचनात्मक बदलाव किए गए हैं और सीता के योद्धा रूप को 'अद्भुत रामायण' से प्रेरित किया गया है।
फिल्म और ग्रंथ में अंतर
हालांकि 'अद्भुत रामायण' में सीता का योद्धा रूप है, पर फिल्म में वह प्रसंग हूबहू नहीं दिखाया गया है। इस ग्रंथ में सीता महाकाली के रूप में सहस्र रावण से युद्ध करती हैं, जबकि फिल्म में वह वनवास के समय खर और दूषण से लड़ती हैं। फिल्म में सीता को देवी शक्ति के रूप में दिखाने का व्यापक विचार अपनाया गया है।
यह विवाद रामायण की विभिन्न व्याख्याओं और पौराणिक पात्रों को पर्दे पर दिखाने की रचनात्मक स्वतंत्रता पर नई बहस पैदा करता है।
स्रोत: hindi.asianetnews.com


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