पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले की जांच के लिए कोलकाता पुलिस की एसआईटी में चार नए अधिकारी शामिल किए गए हैं।
एसआईटी में अधिकारियों की संख्या बढ़ी
कोलकाता पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि जब विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था, तब इसमें पांच सदस्य थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर नौ कर दिया गया है। नई नियुक्ति उन अधिकारियों की है जो फर्जीवाड़े के मामलों की जांच में विशेषज्ञ हैं।
घोटाले का विस्तार और जांच का दायरा
यह मामला यूनेस्को मान्यता प्राप्त दुर्गा पूजा उत्सव टूर से जुड़े करोड़ों रुपए के फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले से संबंधित है। जांच में पता चला है कि न केवल फर्जी पास मामले में, बल्कि राज्य के पर्यटन विभाग और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में टेंडर संबंधी गड़बड़ी में भी इंद्रनील सेन की संभावित संलिप्तता के सुराग मिले हैं। इससे जांच का दायरा और बढ़ गया है।
इंद्रनील सेन से पूछताछ और अन्य संदिग्ध
पुलिस सूत्र ने बताया कि गायक से राजनेता बने इंद्रनील सेन को पुलिस हिरासत में लेकर रोजाना कई घंटे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, एसआईटी ने इस मामले में नौ अन्य लोगों से भी पूछताछ की है, जिनमें उनकी पत्नी मधुछंदा सेन का नाम प्रमुख है। वह 'मास आर्ट' संस्था की मालकिन हैं, जिसके जरिए फर्जी दुर्गा पूजा पास बेचे जाने का आरोप है।
अदालत में पेशी और जांच की तैयारी
इंद्रनील सेन को 10 नवंबर को कोलकाता की एक निचली अदालत में पेश किया जाना है। पुलिस ने बताया कि अदालत में पेशी से पहले अधिक से अधिक सबूत जुटाने की कोशिश की जा रही है, ताकि पूर्व मंत्री को इस मामले में जमानत न मिल सके।
गिरफ्तारी का समय और स्थान
कोलकाता पुलिस ने इंद्रनील सेन को तब गिरफ्तार किया था, जब वह पिछले हफ्ते कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साल्ट लेक कार्यालय से बाहर निकले थे।
जांच की वर्तमान स्थिति
एसआईटी अब राज्य सरकार के पर्यटन विभाग और सूचना एवं सांस्कृतिक विभाग के संपर्क में है ताकि जांच के लिए जरूरी दस्तावेज हासिल किए जा सकें। इस मामले में कई पहलुओं पर अभी भी विस्तार से जांच जारी है।
स्रोत: kharinews.com


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