दिवाली के दौरान पटाखे जलाने से त्वचा जलने की घटनाएं आम हैं। डॉक्टर दीक्षा कटियार, फाउंडर एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, वी क्लीनिक होम्योपैथी ने बताया कि ऐसी स्थिति में तुरंत सही प्राथमिक उपचार करना जरूरी होता है। जलने के बाद सबसे पहले प्रभावित हिस्से को आग या गर्मी से दूर कर ठंडे बहते पानी के नीचे लगभग 20 मिनट तक रखें।
जलने पर क्या प्राथमिक उपचार करें?
डॉक्टर दीक्षा के अनुसार, ठंडे पानी से जलन कम होती है, दर्द में राहत मिलती है और चोट गंभीर होने से बचती है। इसके बाद जले हुए हिस्से को साफ, ढीले और न चिपकने वाले कपड़े से ढकना चाहिए। अगर अंगूठी, घड़ी या कोई गहना पहना हो तो सूजन से पहले हटा लें, लेकिन चिपके कपड़े को जबरन न हटाएं।
क्या टूथपेस्ट या अन्य घरेलू चीजें लगाना सही है?
एक्सपर्ट ने स्पष्ट किया कि जले हुए हिस्से पर बर्फ, घी, तेल, टूथपेस्ट या कोई घरेलू लेप नहीं लगाना चाहिए। फफोले पड़ने पर उन्हें फोड़ना भी मना है। यदि जलन गहरी हो या चेहरे, हाथ, पैर प्रभावित हों, या सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। बच्चों के जलने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
पटाखा जलाते वक्त किन बातों का ध्यान रखें?
पटाखा जलाने वाले बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाने से बचाएं जो जल्दी आग पकड़ते हैं, जैसे सिल्क। अपने आसपास कम से कम दो बाल्टी पानी जरूर रखें ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत बचाव किया जा सके। बच्चे पटाखे जलाते समय हमेशा बड़ों की निगरानी में रहें।
इसके अलावा, महिलाएं और लड़कियां दीया या मोमबत्ती जलाते समय बाल बांधकर रखें और कपड़ों का भी ध्यान रखें।
मनीष रायसवाल, जो टीवी9 डिजिटल में लाइफस्टाइल टीम लीड हैं, ने बताया कि ये सावधानियां दिवाली के दौरान सुरक्षित उत्सव मनाने के लिए जरूरी हैं। सही जानकारी और सावधानी से पटाखों से होने वाले जलने के नुकसान को कम किया जा सकता है।
स्रोत: tv9hindi.com


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