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गुरुवार, 5 नवंबर 2026
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केंद्र ने अग्निवीरों की सेवा अवधि छह साल की, भाजपा-राजनीति में विरोध-समर्थन

केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि चार से छह साल की, भाजपा ने समर्थन और विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।

केंद्र ने अग्निवीरों की सेवा अवधि छह साल की, भाजपा-राजनीति में विरोध-समर्थन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल करने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद भाजपा ने इसे देश की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के लिए अहम कदम बताया, जबकि कांग्रेस और राजद ने इसे युवाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान न मानते हुए सवाल उठाए हैं।

सेवा विस्तार का निर्णय और उसके नियम

सरकार के अनुसार, जिन 75 प्रतिशत अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला था, उन्हें दो साल अतिरिक्त सेवा का मौका मिलेगा। वहीं, 25 प्रतिशत अग्निवीरों को प्रदर्शन और प्रक्रिया के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाएगा। यह निर्णय जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बीच आया है।

भाजपा नेताओं का समर्थन

श्रीनगर में भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि अग्निवीर योजना का उद्देश्य देश सेवा और बेरोजगार युवाओं को रोजगार देना है। उन्होंने बताया कि 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल किया गया है और बाकी 75 प्रतिशत को दो साल का सेवा विस्तार देना आवश्यक है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले पार्टी ने इसका विरोध किया था, लेकिन अब यह फैसला अग्निवीरों की ईमानदारी और पेशेवर क्षमता को देखते हुए लिया गया है।

दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष और विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने सेवा अवधि बढ़ाना अच्छा कदम बताया और कहा कि आगे और योजनाएं बनाई जाएंगी। दिल्ली के भाजपा विधायक रविकांत उज्जैनवाल ने मोदी सरकार की प्रतिबद्धता और जनता के हित में फैसलों की सराहना की।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इसे बड़ा फैसला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए शासित राज्यों ने पुलिस बलों में अग्निवीरों के लिए 15-20 प्रतिशत आरक्षण दिया है, जिससे सेवा विस्तार के बाद भी सुरक्षा और रोजगार मिल सकेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया।

कांग्रेस और राजद की आलोचना

जयपुर से कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने योजना की बुनियादी कमियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं के साथ अन्याय करती है और सेना में खाली पदों को भरने के बजाय सीमित अवधि के रोजगार दिए जा रहे हैं। दो साल के विस्तार के बाद भी युवाओं के रोजगार का समाधान नहीं होगा।

दिल्ली के कांग्रेस नेता उदित राज ने सरकार के फैसले को विपक्ष और अग्निवीरों की जीत बताया, जबकि राजद सांसद सुधाकर सिंह ने इसे धोखा करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव के नजदीक आने पर यह फैसला लिया गया है और युवाओं की स्थायी नौकरी की मांग पूरी नहीं हुई है।

विपक्ष के विरोध के बीच सरकार का जवाब

गाजीपुर के सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक बेदी राम ने विपक्ष के विरोध को खारिज करते हुए कहा कि 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित किया जा रहा है और बाकी को सेवा विस्तार मिला है। सरकार ने यह कदम अग्निवीरों के लिए कुछ बेहतर करने के लिए उठाया है।

यह फैसला अग्निवीरों के भविष्य और देश की सुरक्षा से जुड़ा अहम मुद्दा है। हालांकि, सेवा अवधि बढ़ाने के बाद भी युवाओं को स्थायी रोजगार की मांग बनी हुई है, जिसे लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह देखना बाकी है।

स्रोत: deshbandhu.co.in

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