दिल्ली पुलिस की ACP मनस्वी वशिष्ठ दानिक्स कैडर की अधिकारी हैं और UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2018 बैच से इस कैडर में शामिल हुईं हैं।
ACP मनस्वी वशिष्ठ का निलंबन और प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस में ACP मनस्वी वशिष्ठ हाल ही में चर्चा में आईं, जब उन्होंने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक प्रदर्शन का नेतृत्व किया। यह प्रदर्शन ACP मनस्वी वशिष्ठ और एक SHO के ट्रांसफर के विरोध में था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया है।
दानिक्स कैडर क्या है?
दानिक्स कैडर (DANIPS) केंद्र शासित प्रदेशों की प्रशासनिक सेवाओं के लिए बनाया गया एक विशेष कैडर है। DANIPS का पूरा नाम है दिल्ली अंडमान और निकोबार आइसलैंड पुलिस सर्विस। इसमें दिल्ली, अंडमान-निकोबार, दमन-दीव, लक्षद्वीप जैसे केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। दानिक्स कैडर भारत का सबसे पुराना प्रशासनिक कैडर है, जिसकी स्थापना 1857 के भारतीय विद्रोह के बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने की थी। स्वतंत्रता के बाद 1980 में इस कैडर को केंद्र शासित प्रदेशों के लिए लागू किया गया।
दानिक्स कैडर में शामिल होने के तरीके
दानिक्स कैडर में ग्रुप B रैंक के अधिकारी तैनात होते हैं। इसमें शामिल होने के दो मुख्य रास्ते हैं: UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) और प्रमोशन।
- UPSC CSE के जरिए: सिविल सेवा परीक्षा में टॉप रैंक पाने वाले IAS, IPS बनते हैं और ग्रुप A में जाते हैं, जबकि कम रैंक पाने वाले उम्मीदवार अपनी प्राथमिकता के आधार पर दानिक्स कैडर में आ सकते हैं।
- प्रमोशन के जरिए: केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बल में नॉन-कमीशन रैंक के कर्मचारी वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर प्रमोशन के बाद दानिक्स कैडर में शामिल हो सकते हैं।
ACP मनस्वी वशिष्ठ की UPSC CSE रैंक
ACP मनस्वी वशिष्ठ UPSC CSE 2018 बैच की पास आउट हैं। उन्होंने इस परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 344 प्राप्त की थी। इस रैंक के आधार पर उन्हें दानिक्स कैडर में चुना गया और वे दिल्ली पुलिस में सेवाएं दे रही थीं। फिलहाल उनका निलंबन जारी है।
स्रोत: tv9hindi.com


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